Farmers Protest in Delhi LIVE Updates: पांचवें राउंड की मीटिंग में किसान प्रतिनिधियों ने सरकार से मांगा पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर लिखित जवाब

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Farmers Protest March LIVE Updates: दिल्ली के बॉर्डर पर हजारों किसान पिछले एक हफ्ते से तीन कृषि कानून के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.

नए कृषि कानूनों (New Farm Law) को लेकर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार और किसान नेताओं के बीच आज पांचवें दौर की वार्ता हो रही. बातचीत के लिए विज्ञान भवन पहुंचे किसान नेताओं में से आजाद किसान संघर्ष समिति, पंजाब के राज्य प्रमुख हरजिंदर सिंह टांडा ने कहा कि हम कृषि कानूनों का वापस लेने की मांग पर अड़े हैं. सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी, तो हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे. बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने सरकार से पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर लिखित जवाब मांगा है. सरकार की ओर से किसानों की 39 आपत्तियों के बिंदुवार जवाब वाला नोट बैठक में बांटा गया.

इससे पहले प्रधानमंत्री आवास पर हाईलेवल मीटिंग हुई.  इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल मौजूद थे. माना जा रहा है कि बैठक में किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए चर्चा की गई और पीएम ने मंत्रियों को उस दिशा में जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं..

उधर, कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) की वजह से कई सड़कों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को भी ट्रैफिक के लिए बंद किया गया है. लोगों को दिल्ली आने के लिए लिंक रोड के बजाये डीएनडी (DND) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. किसान आंदोलन को देखते हुए कई रास्तों को बंद करने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है.   

किसान नेता तीनों कृषि कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं, जबकि सरकार उनमें बदलाव करने को तैयार है. इस तरह दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बरकरार है. उधर, दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला बॉर्डर पर भी किसान तीनों कृषि कानून के खिलाफ लगातार बैठकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. एक किसान ने कहा कि अगर सरकार संग आज की बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है तो संसद भवन का घेराव करेंगे.  


Here are the Live Updates on Farmers Protest in Delhi 

कनाडा में संभव तो भारत की संसद में कृषि कानून पर बहस क्यों नहीं
जम्हूरी किसान सभा के महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने कहा है कि कनाडा के सांसदों ने वहां संसद में यह मुद्दा उठाया है. अगर वहां बहस संभव है तो भारतीय संसद में कृषि कानूनों पर बहस क्यों नहीं हो सकती.

किसानों ने एक साथ बैठकर जमीन पर भोजन किया
सरकार से वार्ता के बीच किसानों ने एक साथ बैठकर जमीन पर भोजन किया . किसानों के प्रतिनिधियों और केंद्र के तीन मंत्रियों के बीच कृषि कानूनों को लेकर शनिवार को 5वें दौर की वार्ता हो रही है.

Farmers Protest in Delhi LIVE Updates: पांचवें राउंड की मीटिंग में किसान प्रतिनिधियों ने सरकार से मांगा पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर लिखित जवाब

किसान नेताओं ने जमीन पर बैठकर खाया खाना
किसान नेताओं ने जमीन पर खाया खाना. केंद्र और किसानों के बीच हुई पिछले दौर की बैठकों में भी किसानों ने इसी तरह साथ मिल बैठ कर भोजन किया था. किसानों ने सरकार की ओर प्रबंध किए गए भोजन को हाथ भी नहीं लगाया था.

पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ किसानों का समर्थन करने पहुंचे
पंजाबी कलाकार और अभिनेत्री कंगना रनौत से ट्विटर पर भिड़कर खूब सुर्खियां बटोरने वाले गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ सिंघु बॉर्डर पहुंचे. उन्होंने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया.

किसानों ने 5वें दौर की वार्ता के दौरान अपना लंच ही खाया- देखें Video
कार सेवा वाहन के जरिये किसानों के लिए खाना लाया गया. किसानों ने कतारबद्ध होकर यही भोजन किया.

सरकार ने किसानों की आपत्तियों का जवाब दिया
टी ब्रेक के बाद महत्वपूर्ण वार्ता शुरू, कृषि मंत्रालय ने चौथे दौर की वार्ता में किसानों की ओर से उठाए गए 39 बिन्दुओं के जवाब वाला नोट किसान नेताओं के बीच बांटा

यमुना एक्सप्रेस वे पर किसानों को हिरासत में लिया
किसानों ने बैरीकेड तोड़ दिल्ली में घुसने का किया प्रयास

रालोसपा ने किसानों के भारत बंद का किया समर्थन
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है. रालोसपा ने दो दिन पहले ही प्रस्ताव पास कर किसानों के आंदोलन का समर्थन किया था. बैठक में पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने किसानों की मांगों का जायज बताया.

किसानों ने यमुना एक्सप्रेस वे पर बैरीकेड तोड़ दिल्ली में घुसने का प्रयास किया
ग्रेटर नोएडा में गुरुवार दोपहर किसानों के एक समूह ने बैरीकोड तोड़कर दिल्ली की ओर जाने का प्रयास किया. हालांकि मुस्तैद पुलिस ने किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया. कई किसानों को हिरासत में लिया गया

पांचवें राउंड की बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने सरकार से मांगा पिछली मीटिंग में उठाए गए मुद्दों पर बिंदुवार जवाब

किसानों संग बैठक के लिए विज्ञान भवन पहुंचे कृषि मंत्री

विज्ञान भवन पहुंचे किसान

सरकार संग मीटिंग से पहले बोले किसान नेता- नया कानून वापस ले सरकार

आजाद किसान संघर्ष समिति, पंजाब के राज्य प्रमुख हरजिंदर सिंह टांडा ने सरकार संग बातचीत से पहले कहा कि हम कृषि कानूनों का वापस लेने की मांग पर अड़े हैं. अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी, तो हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे. 

सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी

पटना में राजद का विरोध-प्रदर्शन

बिहार की राजधानी पटना में मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने किसानों के समर्थन में गांधी मैदान में विरोध-प्रदर्शन किया और इस कानून को वापस लेने की मांग की. कार्यक्रम में शामिल तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र सरकार तुरंत किसान विरोधी कानून को वापस ले.

40 किसान नेता विज्ञान भवन के लिए रवाना

विज्ञान भवन में केंद्र सरकार से बातचीत के लिए 40 किसान नेता सिंघु बॉर्डर से रवाना हो चुके हैं. दोपहर 2 बजे से सरकार संग पांचवे दौर की बातचीत होनी है.

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन की वजह से कई सड़कों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को भी ट्रैफिक के लिए बंद किया गया है. लोगों को दिल्ली आने के लिए लिंक रोड के बजाये डीएनडी (DND) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. किसान आंदोलन को देखते हुए कई रास्तों को बंद करने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है.   

PM आवास पर चल रही बैठक खत्म

किसान संगठनों संग चर्चा से पहले प्रधानमंत्री आवास पर चल रही बैठक खत्म हो गई है. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल मौजूद थे. माना जा रहा है कि बैठक में किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए चर्चा की गई और पीएम ने मंत्रियों को उस दिशा में जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं.. 

किसानों के समर्थन में बॉर्डर पर पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू किसानों के आंदोलन का समर्थन करने यूपी-दिल्ली सीमा पर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं. इस मौके पर लल्लू ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार किसान विरोधी है. उन्होंने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की. 

टिकरी बॉर्डर पर गुस्से में किसान

टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान गुस्से में हौं. किसानों ने कहा कि सरकार बार-बार बातचीत के बहाने मुद्दे को लटका रही है. आज आखिरी बार बातचीत होगी. इसके बाद कोई बातचीत नहीं करेंगे.

आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी: रामपाल सिंह 

किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा है कि आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी. आज बैठक में कोई और बात नहीं होगी, कानूनों को रद्द करने के लिए ही बात होगी.

PM आवास पर बड़ी बैठक

किसान संगठनों संग चर्चा से पहले प्रधानमंत्री आवास पर बड़ी बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह मौजूद हैं.

पिछली बैठक में सरकार ने क्या कहा था?

बृहस्पतिवार को पिछली बैठक में, तोमर ने 40 किसान संगठनों के नेताओं को आश्वासन दिया था कि सरकार एपीएमसी (कृषि उपज बाजार समिति) मंडियों को मजबूत करने, प्रस्तावित निजी बाजारों के साथ प्रतिस्पर्धा का समान स्तर बनाने और विवाद समाधान के लिए उच्च न्यायालयों का दरवाजा खटखटाये जा सकने का प्रावधान करने के लिए खुले मन से विचार करने को तैयार है. सरकार ने इस बात पर जोर दिया था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद व्यवस्था जारी रहेगी लेकिन किसान कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.

…तो संसद भवन का करेंगे घेराव

दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला बॉर्डर पर भी किसान तीनों कृषि कानून के खिलाफ लगातार बैठकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. एक किसान ने कहा कि अगर सरकार संग आज की बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है तो संसद भवन का घेराव करेंगे. 

किसानों को DSGMC करा रही तीन वक्त का लंगर

दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों को दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी रोजाना तीन समय का लंगर करा रही है. आज भी वहां सुबह-सुबह किसानों के लिए भोजन बनाया जा रहा है.

हमारी मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन होगा और तेज: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने धमकी दी है कि अगर सरकार मांगों को पूरा करने में विफल रही तो किसानों का आंदोलन तेज होगा. टिकैत ने कहा, ”बृहस्पतिवार को हुई बैठक के दौरान सरकार और किसान किसी भी निर्णय पर नहीं पहुंच पााये. सरकार तीन कानूनों में संशोधन करना चाहती है, लेकिन हम चाहते हैं कि कानूनों को पूरी तरह से निरस्त किया जाए.”उन्होंने कहा, ”यदि सरकार हमारी मांगों पर सहमत नहीं होती है, हम विरोध जारी रखेंगे. हम यह देखना चाह रहे हैं कि शनिवार की बैठक में क्या होता है.”



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