Chaitra Navratri 2021, Day 7: नवरात्रि का सातवां दिन आज, महासप्‍तमी पर इस विधि से करें मां कालरात्रि की पूजा

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Chaitra Navratri 2021, Day 7: महासप्‍तमी पर इस विधि से करें मां कालरात्रि की पूजा.

नई दिल्ली:

Chaitra Navratri 2021, Day 7: आज नवरात्रि का सातवां दिन यानी महा सप्तमी है. नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्‍वरूप कालरात्रि की पूजा की जाती है. नवरात्रि में सप्तमी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. मान्‍यता है कि मां कालरात्रि ही वह देवी हैं, जिन्होंने मधु कैटभ जैसे असुर का वध किया था. माना जाता है कि महा सप्‍तमी के दिन पूरे विधि-विधान से कालरात्रि की पूजा करने पर मां अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. ऐसी भी मान्यता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने वाले भक्तों को किसी भूत, प्रेत या बुरी शक्ति का भय नहीं सताता है. मान्यता है कि मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है.

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कालरात्र‍ि का स्‍वरूप

शास्त्रों के अनुसार देवी कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत भयंकर है. देवी कालरात्रि का यह भय उत्पन्न करने वाला स्वरूप केवल पापियों का नाश करने के लिए है. देवी कालरात्रि का रंग काजल के समान काले रंग का है, जो अमावस की रात्रि से भी अधिक काला है. इनका वर्ण अंधकार की भांति कालिमा लिए हुए है. देवी कालरात्रि का रंग काला होने पर भी कांतिमय और अद्भुत दिखाई देता है. मां कालरात्रि की सवारी गर्धव यानि गधा है.  

इस विधि से करें पूजा

– पूजा शुरू करने के लिए मां कालरात्रि के परिवार के सदस्यों, नवग्रहों, दशदिक्पाल को प्रार्थना कर आमंत्रित कर लें. 

– सबसे पहले कलश और उसमें उपस्थित देवी-देवता की पूजा करें. 

– अब हाथों में फूल लेकर कालरात्रि को प्रणाम कर उनके मंत्र का ध्यान करें. मंत्र है- “देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्तया, निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां, भक्त नता: स्म विपादाधातु शुभानि सा न:”. 

– पूजा के बाद कालरात्रि मां को गुड़ का भोग लगाएं.

– भोग लगाने के बाद दान करें और एक थाली ब्राह्मण के लिए भी निकाल कर रखें.



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