नई दिल्ली:

पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी नेतृत्व की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू को राज्य का पार्टी अध्यक्ष बना दिया गया है. इसके अलावा संगत सिंह गिलजियां, सुखविंद्र सिंह डैनी, पवन गोयल और कुलजीत सिंह नागरा को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वर्किंग अध्यक्ष बनाया गया है. कुलजीत सिंह नागरा अभी सिक्कम, नागालैंड और त्रिपुरा के पार्टी प्रभारी थे, अब उन्हें इस जिम्मेदारी से भी मुक्त कर दिया गया है.

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बता दें, नवजोत सिंह साल 2017 में भाजपा छोड़कर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे. वे तब से सत्ता में एक बड़े हिस्से (उप मुख्यमंत्री पद समेत) की भागीदारी के लिए लड़ रहे थे, लेकिन अमरिंदर सिंह ने उनकी हर चाल को अभी तक नाकाम किया है.

नवजोत सिद्धू को पंजाब कांग्रेस चीफ बनाए जाने पर राजी हुए अमरिंदर सिंह, लेकिन रखीं कुछ शर्तें

अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्दू में खींचतान काफी समय से चल रही थी. शनिवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के लिए राजी हो गए थे, हालांकि, उन्होंने इसके लिए अपनी कुछ शर्तें रखी थी. साथ ही उन्होंने कहा था कि उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का हर एक फैसला मंजूर है.

अमरिंदर सिंह ने शर्त रखी थी कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर अहम फैसले में पार्टी नेतृत्व उन्हें भी शामिल करे. साथ ही कहा था कि पंजाब कांग्रेस में तीन कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति भी उन्हें करने दी जाए और कैबिनेट फेरबदल में उन्हें पूरी छूट मिले. राज्य कैबिनेट में फेरबदल हिंदू और दलित समुदाय को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा.

अमरिंदर सिंह के इस बयान के बाद लग रहा था कि पंजाब कांग्रेस में कलह खत्म हो गई है. लेकिन रविवार को पंजाब कांग्रेस के सांसदों ने नवजोत सिंह सिद्धू को राज्य प्रमुख बनाए जाने का विरोध किया और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात का समय मांगा था. इसके बाद सिद्धू के राह में रोड़े नजर आने लगे थे. लेकिन पार्टी नेतृत्व ने रविवार शाम को सिद्धू को पंजाब कांग्रेस बनाए जाने का ऐलान कर दिया.



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