नीतीश कुमार की पार्टी के विधायक का दावा, ‘‘पड़ोसी विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी की हार सुनिश्चित की’’

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

पटना:

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के एक विधायक (JDU MLA) ने दावा किया है कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र से लगे विधानसभा सीट पर भाजपा के ‘‘अहंकारी” उम्मीदवार (BJP Candidate) के पक्ष में प्रचार करने से मना कर हालिया चुनाव में उनकी हार सुनिश्चित की. भगलपुर जिले के गोपालपुर सीट से तीसरी बार विधायक चुने गए नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल (Gopal Mandal) का एक वीडियो क्लिप मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. क्लिप में मंडल को जिला भाजपा प्रमुख रोहित पांडे के खिलाफ टिप्पणी करते सुना जा सकता है. पांडे भागलपुर सीट से चुनाव में कांग्रेस के अजीत शर्मा से हार गए थे. वीडियो में मंडल कह रहे हैं, ‘‘पड़ोस के विधानसभा सीटों पर मैंने जिसके लिए भी प्रचार किया उन्हें जीत मिली. लेकिन मैंने रोहित पांडेय के पक्ष में प्रचार नहीं किया, क्योंकि उन्हें बहुत घमंड था और वह हार गए.

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मंडल ने चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने के दौरान पांडेय द्वारा दुआ-सलाम नहीं करने पर भी आपत्तिजनक बातें कहीं. विधायक ने कहा, ‘‘इस कारण भाजपा अपनी एक सीट हार गयी.” वर्ष 1990 से लेकर 2014 तक भागलपुर सीट पर भाजपा का कब्जा रहा था. 2014 में तत्कालीन विधायक अश्विनी कुमार चौबे बक्सर लोकसभा सीट से सासंद चुन लिए गए और फिर केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए. उसके बाद हुए उपचुनाव में शर्मा ने चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत को हरा कर यह सीट कांग्रेस के लिए जीती और 2015 के विधानसभा चुनाव में भी उन्हें जीत मिली. पिछले साल हुए चुनाव में शर्मा सीट से लगातार तीसरी बार जीते. उन्होंने पांडेय को 1,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया.

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जदयू नेताओं ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि मंडल की इन टिप्पणियों को पार्टी का रुख ना माना जाए, बल्कि इसे विधायक का निजी विचार माना जाए. हाल के दिनों में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब पार्टी को विधायकों के व्यवहार के कारण शर्मिंगदी उठानी पड़ी है. कुछ ही सप्ताह पहले एक और वीडियो वायरल हुआ था जिसमें विधायक नृत्य कर रही महिलाओं के साथ नाचते हुए दिखे थे. भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने जदयू विधायक की इन टिपण्णियों को लेकर उनपर निशाना साधा कि पांडेय ‘‘ब्राह्मण जैसा नहीं दिखते.”

उन्होंने कहा, ‘‘टिप्पणियां जातिवादी कुंठा को दिखाती हैं…. ऐसी बातें समाज पर गहरा असर डालती हैं. सामाजिक न्याय का हवाला देने वाली पार्टियों को अपने कार्यकर्ताओं को (नैतिकता की) शिक्षा देने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करनी चाहिए.” राजग में वापसी की कोशिश में जुटी रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने इस ‘‘अनर्गल बयान” की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को अपने लोगों की नकेल कसनी चाहिए. इसबीच कांग्रेस ने इस मामले को लेकर राजग पर निशाना साधा है. बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा, ‘‘खरमास चल रहा है. इसे खत्म होने दें. इसके बाद राजग में खरमंडल लगेगा जिसे काबू करना मुश्किल होगा.”

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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