किसानों ने कृषि सचिव को लिखी चिठ्ठी, कल होने वाली बैठक का एजेंडा किया साफ

2


भारत सरकार पहले ही तीनों नए कानून वापस लेने की मांग ख़ारिज कर चुकी है

नई दिल्ली:

किसान संगठनों और भारत सरकार के बीच बुधवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाली बातचीत से ठीक पहले किसान नेताओं ने कृषि सचिव को चिठ्ठी लिख कर साफ़ कर दिया है कि उनके लिए बैठक का मुख्य एजेंडा 3 नए कृषि सुधार कानूनों (Farm Laws) को निरस्त करना और MSP पर खरीद की क़ानूनी गारंटी की मांग होगी. उधर सरकार पहले ही साफ़ कर चुकी है की तीनों नए कानून वापस नहीं होंगे और MSP पर सरकार सिर्फ लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार है.

यह भी पढ़ें

“हमारे प्रधानमंत्री पर कोई भी ताकत अपने दबाव और प्रभाव का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी”, मंगलवार को कृष‍ि मंत्री ने ये बयान दिया. जाहिर है, किसान सगठनों के साथ बुधवार की बैठक से पहले केंद्र सरकार ने आपना रुख कड़ा कर लिया है. वहीं दूसरी तरफ पिछले पांच हफ्ते से धरना प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने कृषि सचिव के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मंगलवार को एक पत्र लिख कर कहा कि वो चार मांगें रखने बैठक में शामिल होंगे.

“अगर किसान हार गए तो देश…” : 225 Km साइकिल चलाकर किसान आंदोलन में शामिल हुआ टीचर

किसान नेता मंजीत सिंह राय ने NDTV से कहा, “हमने सरकार को लिखित में बता दिया है कि तीनों कृषि कानून वापस होने चाहिए”. वहीं एक अन्य किसान नेता सुरजीत फूल ने NDTV से कहा, “हमने सरकार से लिखित में कहा है कि हम MSP की लीगल गारंटी की मांग करेंगे.”

भारत सरकार पहले ही तीनों नए कानून वापस लेने की मांग ख़ारिज कर चुकी है और MSP पर सिर्फ लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार है. ऐसे में 8 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह की बैठक के 22 दिन बाद हो रही इस बैठक से गतिरोध टूटेगा, इसकी संभावना फिलहाल नहीं दिखाई देती है.

यूपीए शासन में मनमोहन, पवार कृषि सुधारों के पक्ष में थे, राजनीतिक दबाव के कारण विफल रहे: तोमर

पिछले करीब पांच हफ्ते से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है और इस दौरान सरकार और किसान संगठनो के बीच कम से कम 6 दौर की सीधी बातचीत हो चुकी है. लेकिन मुश्किल ये है कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने रुख को और कड़ा कर लिया है – बीच का रास्ता तब तक नहीं निकल पायेगा जब तक एक पक्ष अतिरिक्त उदाररता नहीं दिखाता है.

Newsbeep

(साथ में मुकेश सिंह सेंगर और अक्षय डोंगरे)

सरकार ने अगले दौर की बातचीत के लिए 40 किसान संगठनों को 30 दिसंबर को बुलाया



Source link

  •  
  •  
  •  
  •  
  •